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How to Verify Property Legality Before Buying – Avoid Scams and Legal Issues

क्या ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल के सदस्यों को भी लिफ्ट की मरम्मत का पैसा देना होगा? जानिए हाउसिंग सोसायटी के नियम

कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में मेंटेनेंस और मरम्मत के खर्च को लेकर सदस्यों के बीच विवाद होना आम बात है। ऐसा ही एक सवाल तब सामने आता है, जब ग्राउंड फ्लोर या पहली मंजिल पर रहने वाले सदस्य लिफ्ट की मरम्मत का खर्च देने से इनकार करते हैं। उनका तर्क होता है कि वे लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करते, इसलिए लिफ्ट की मरम्मत का पैसा भी उन्हें नहीं देना चाहिए।

लेकिन क्या कोई सदस्य केवल इस आधार पर किसी कॉमन सुविधा के खर्च से खुद को अलग कर सकता है कि वह उस सुविधा का इस्तेमाल नहीं करता?

आम तौर पर सिर्फ किसी कॉमन सुविधा का इस्तेमाल न करने से उस सुविधा से जुड़े लागू सोसायटी खर्च से सदस्य को छूट नहीं मिलती। लिफ्ट भी बिल्डिंग की साझा सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा होती है।

क्या ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल के सदस्यों को भी लिफ्ट की मरम्मत का पैसा देना होगा? जानिए हाउसिंग सोसायटी के नियम

वह सवाल जो कई सोसायटी सदस्यों के मन में होता है

मान लीजिए किसी बिल्डिंग की लिफ्ट में बड़ी खराबी आ गई है और उसकी मरम्मत पर काफी खर्च आने वाला है।

ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल के कुछ सदस्य कहते हैं:

“हम लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं करते, इसलिए हम लिफ्ट की मरम्मत का पैसा नहीं देंगे। जो लोग लिफ्ट इस्तेमाल करते हैं, वही इसका खर्च उठाएं।”

ऐसी स्थिति में विवाद होना स्वाभाविक है। लेकिन इस मामले को केवल व्यक्तिगत इस्तेमाल के आधार पर नहीं, बल्कि कॉमन सुविधा और सोसायटी के खर्च से जुड़े नियमों के आधार पर समझना जरूरी है।

लिफ्ट एक कॉमन बिल्डिंग सुविधा है

रेजिडेंशियल बिल्डिंग में लगी लिफ्ट आम तौर पर किसी एक सदस्य की निजी सुविधा नहीं होती। यह बिल्डिंग के कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा होती है।

इसलिए लिफ्ट की नियमित देखभाल, सर्विसिंग और मरम्मत पर होने वाला खर्च बिल्डिंग की साझा सुविधाओं को बनाए रखने से जुड़ा होता है।

यहां एक महत्वपूर्ण सवाल उठता है—अगर हर सदस्य से उसके इस्तेमाल के हिसाब से पैसा लिया जाए, तो सोसायटी यह कैसे तय करेगी कि किस सदस्य ने लिफ्ट का कितनी बार इस्तेमाल किया?

कोई सदस्य रोज 10 बार लिफ्ट इस्तेमाल कर सकता है, कोई दो बार और कोई सप्ताह में केवल एक बार। वहीं ग्राउंड फ्लोर का सदस्य शायद बहुत कम लिफ्ट इस्तेमाल करे।

इस तरह व्यक्तिगत इस्तेमाल के आधार पर खर्च तय करना व्यवहारिक रूप से काफी मुश्किल हो सकता है।

सोसायटी के बायलॉज में क्या प्रावधान है?

कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी के मॉडल बायलॉज में सोसायटी द्वारा अलग-अलग प्रकार के शुल्क और खर्च वसूलने के संबंध में प्रावधान दिए गए हैं।

बायलॉज नंबर 65 से 71 में सोसायटी के शुल्क और विभिन्न खर्चों से संबंधित प्रावधान मिलते हैं।

बायलॉज 65 में सर्विस चार्ज, जिसे आम बोलचाल में मेंटेनेंस चार्ज कहा जाता है, से संबंधित जानकारी दी गई है। इसमें सोसायटी की विभिन्न सामान्य सेवाओं और उनके रखरखाव से जुड़े खर्च शामिल होते हैं।

इसी व्यवस्था में लिफ्ट यानी उद्वहन की देखभाल और मरम्मत का खर्च भी शामिल है।

इसका मतलब यह है कि लिफ्ट से जुड़ा खर्च केवल उन लोगों का खर्च नहीं माना जाता जो उसका नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं।

लिफ्ट की मरम्मत का खर्च किस तरह बांटा जाता है?

इस मामले में बायलॉज 67(A)(4) महत्वपूर्ण है।

इस प्रावधान के अनुसार, जिस बिल्डिंग में लिफ्ट उपलब्ध है, उस बिल्डिंग के सदस्यों से लिफ्ट की देखभाल और मरम्मत से संबंधित खर्च समान रूप से वसूल किए जाने का प्रावधान है, बशर्ते संबंधित सोसायटी पर लागू नियमों और कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया हो।

इसलिए केवल यह कहना कि “मैं लिफ्ट इस्तेमाल नहीं करता”, आम तौर पर उस सदस्य को लिफ्ट की लागू मरम्मत लागत में अपने हिस्से का भुगतान करने से मुक्त नहीं करता।

यहां मुख्य सवाल यह नहीं है कि कोई सदस्य लिफ्ट को कितनी बार इस्तेमाल करता है।

मुख्य सवाल यह है:

क्या लिफ्ट उस बिल्डिंग की कॉमन सुविधा है और क्या संबंधित सदस्य उस खर्च के लिए नियमों के अनुसार जिम्मेदार है?

ग्राउंड फ्लोर के सदस्यों को भी भुगतान क्यों करना पड़ सकता है?

यह बात सही है कि ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले व्यक्ति को ऊपर की मंजिलों के मुकाबले लिफ्ट की जरूरत कम पड़ सकती है।

लेकिन कम इस्तेमाल का मतलब यह नहीं है कि वह कॉमन सुविधा से जुड़े खर्च से स्वतः बाहर हो जाता है।

उदाहरण के लिए, किसी आपात स्थिति में ग्राउंड फ्लोर के निवासी को भी लिफ्ट की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा बुजुर्ग व्यक्ति, दिव्यांग व्यक्ति, भारी सामान या किसी अन्य परिस्थिति में भी लिफ्ट उपयोगी हो सकती है।

हालांकि, इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि कॉमन बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव की जिम्मेदारी केवल व्यक्तिगत इस्तेमाल पर आधारित नहीं होती।

अगर कोई सदस्य कहे—“मैं इस्तेमाल नहीं करता, इसलिए पैसे नहीं दूंगा”?

सिर्फ व्यक्तिगत इस्तेमाल न करने के आधार पर सोसायटी के किसी लागू कॉमन खर्च से खुद को अलग करना सामान्यतः उचित आधार नहीं माना जाता।

यही सिद्धांत दूसरी कॉमन सुविधाओं पर भी लागू हो सकता है।

उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति कह सकता है कि वह गार्डन का इस्तेमाल नहीं करता, कोई जिम का इस्तेमाल नहीं करता और कोई दूसरी सुविधा का इस्तेमाल नहीं करता।

लेकिन अगर वह सुविधा सोसायटी की साझा व्यवस्था का हिस्सा है और उसके रखरखाव का खर्च नियमों के अनुसार सभी संबंधित सदस्यों से लिया जाना है, तो केवल व्यक्तिगत गैर-उपयोग के आधार पर भुगतान से छूट का दावा नहीं किया जा सकता।

क्या हर सोसायटी चार्ज समान तरीके से लिया जाता है?

यह समझना भी जरूरी है कि सोसायटी का हर शुल्क एक ही तरीके से नहीं लगाया जाता।

अलग-अलग खर्चों के लिए अलग-अलग प्रावधान हो सकते हैं।

उदाहरण के लिए, प्रॉपर्टी टैक्स, बिल्डिंग रिपेयर और मेंटेनेंस, सिंकिंग फंड आदि कुछ खर्चों की गणना संबंधित नियमों के अनुसार की जाती है और कुछ मामलों में फ्लैट के क्षेत्रफल को आधार बनाया जा सकता है।

वहीं सर्विस चार्ज के लिए अलग व्यवस्था हो सकती है।

इसलिए किसी भी बिल को समझते समय यह देखना जरूरी है कि किस प्रकार का खर्च लिया जा रहा है और उसे वसूल करने के लिए कौन सा नियम या बायलॉज लागू होता है।

सोसायटी को क्या करना चाहिए?

अगर लिफ्ट की बड़ी मरम्मत की जरूरत है, तो सोसायटी की मैनेजिंग कमेटी को उचित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

सोसायटी को सामान्य तौर पर:

  • मरम्मत के लिए उचित अनुमान या कोटेशन लेना चाहिए।

  • लागू बायलॉज और सोसायटी के प्रस्तावों का पालन करना चाहिए।

  • सदस्यों को मरम्मत के काम और खर्च की जानकारी स्पष्ट रूप से देनी चाहिए।

  • संबंधित सदस्यों से लागू योगदान की राशि वसूल करनी चाहिए।

  • खर्च और भुगतान का उचित रिकॉर्ड रखना चाहिए।

  • जहां जरूरी हो, वहां संबंधित मंजूरी और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

अगर किसी सदस्य को बिल की राशि पर आपत्ति है, तो उसे सीधे भुगतान से इनकार करने के बजाय सोसायटी से खर्च का विवरण और संबंधित दस्तावेज मांगने चाहिए।

अपार्टमेंट मालिकों के मामले में क्या नियम है?

अपार्टमेंट ओनरशिप व्यवस्था में भी कॉमन एरिया और कॉमन सुविधाओं से जुड़े खर्चों के संबंध में इसी तरह का सिद्धांत देखने को मिलता है।

महाराष्ट्र अपार्टमेंट ओनरशिप एक्ट की धारा 17 में कॉमन खर्चों में अपार्टमेंट मालिक की हिस्सेदारी और उससे संबंधित प्रावधान दिए गए हैं।

इसका मूल सिद्धांत यह है कि कोई अपार्टमेंट मालिक केवल यह कहकर कॉमन खर्च से बच नहीं सकता कि वह किसी विशेष कॉमन सुविधा का व्यक्तिगत रूप से इस्तेमाल नहीं करता।

इसलिए “मैं इस्तेमाल नहीं करता, इसलिए मैं पैसे नहीं दूंगा” वाला तर्क अपने आप में भुगतान से छूट का आधार नहीं बन जाता।

मेंटेनेंस और कॉमन सुविधाओं की बड़ी तस्वीर

हाउसिंग सोसायटी में मेंटेनेंस का उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति की सुविधा के लिए खर्च करना नहीं है। इसका उद्देश्य पूरी बिल्डिंग और उसकी साझा सुविधाओं को बनाए रखना है।

हर सदस्य हर सुविधा का समान मात्रा में इस्तेमाल नहीं करता। लेकिन सोसायटी को फिर भी बिल्डिंग की कॉमन सुविधाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेवाओं को बनाए रखना पड़ता है।

खासकर पुनर्विकास के बाद कई बिल्डिंगों में पहले की तुलना में अधिक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। सुविधाएं बढ़ने के साथ उनके रखरखाव और मरम्मत का खर्च भी बढ़ सकता है।

निष्कर्ष

ग्राउंड फ्लोर या पहली मंजिल पर रहने वाले सदस्य भले ही लिफ्ट का बहुत कम इस्तेमाल करते हों, लेकिन केवल कम या बिल्कुल इस्तेमाल न करने के आधार पर वे लिफ्ट की लागू मरम्मत लागत में अपनी जिम्मेदारी से स्वतः मुक्त नहीं हो जाते।

संबंधित कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी बायलॉज के अनुसार, लिफ्ट की देखभाल और मरम्मत से जुड़े खर्च को उस बिल्डिंग के संबंधित सदस्यों के बीच समान रूप से वसूल करने का प्रावधान है।

इसलिए लिफ्ट की मरम्मत का खर्च तय करते समय व्यक्तिगत इस्तेमाल को आधार बनाने के बजाय लागू बायलॉज, खर्च की प्रकृति और सोसायटी द्वारा अपनाई गई उचित प्रक्रिया को देखना चाहिए।

सीधी बात यह है कि कॉमन बिल्डिंग सुविधाओं का रखरखाव सामूहिक जिम्मेदारी है और केवल किसी सुविधा का इस्तेमाल न करने से उस पर लागू कॉमन खर्च से स्वतः छूट नहीं मिलती।

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