प्रोफेशनल टैक्स समझिए: कौन देता है, किन राज्यों में लगता है और क्या यह आपके CTC को प्रभावित करता है?
भारत में कर (Tax) हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा हैं। चाहे आप सामान खरीदें, नौकरी करें या अपना व्यवसाय चलाएँ—किसी न किसी रूप में टैक्स देना पड़ता है। हम अक्सर इनकम टैक्स और GST के बारे में सुनते हैं, लेकिन एक टैक्स ऐसा भी है जो चुपचाप हर महीने सैलरी से कट जाता है और कई लोगों को ठीक से समझ में नहीं आता— प्रोफेशनल टैक्स । बहुत से कर्मचारियों की सैलरी स्लिप में यह कटौती दिखती है और सवाल उठते हैं— यह टैक्स क्यों कट रहा है? कौन देता है? क्या यह CTC का हिस्सा है? इस लेख में हम प्रोफेशनल टैक्स को समझेंगे। प्रोफेशनल टैक्स क्या है? प्रोफेशनल टैक्स एक प्रत्यक्ष कर (Direct Tax) है, जिसे राज्य सरकारें उन लोगों पर लगाती हैं जो नौकरी, पेशा, व्यापार या व्यवसाय से आय अर्जित करते हैं। नाम से भले ही लगे कि यह सिर्फ डॉक्टर या वकीलों पर लागू होता है, लेकिन वास्तव में यह टैक्स निम्न पर लागू हो सकता है: वेतनभोगी कर्मचारी स्व-रोज़गार (Self-employed) लोग व्यापारी और व्यवसायी विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए यह टैक्स नियोक्ता (Employer) सैलरी से काटकर राज्य सरकार को जम...