भारत में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। 1 अप्रैल से नया चार डस्टबिन (4-बिन) सिस्टम लागू हो गया है, जो पुराने दो-बिन सिस्टम की जगह ले चुका है। इस नए नियम का उद्देश्य कचरे को सही तरीके से अलग करना, प्रदूषण कम करना और पर्यावरण को सुरक्षित बनाना है। क्यों ज़रूरी था यह बदलाव? पहले कचरे को सिर्फ दो हिस्सों—गीला और सूखा—में बांटा जाता था। लेकिन इस तरीके में कई समस्याएं थीं। जैसे कि सैनिटरी और खतरनाक कचरा भी अक्सर बाकी कचरे के साथ मिल जाता था, जिससे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को नुकसान होता था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने Solid Waste Management Rules, 2026 के तहत यह नया चार-बिन सिस्टम लागू किया है। चार रंग के डस्टबिन और उनका मतलब नए नियम के अनुसार अब कचरे को चार अलग-अलग डस्टबिन में डालना होगा: 1. हरा डस्टबिन – गीला कचरा इसमें रसोई का कचरा जैसे सब्जियों के छिलके, बचे हुए खाने के टुकड़े और बगीचे का कचरा डाला जाएगा। यह कचरा आसानी से सड़कर खाद (कम्पोस्ट) बन सकता है। 2. नीला डस्टबिन – सूखा कचरा इसमें प्लास्टिक, कागज, गत्ता, कांच और धातु जैसी चीजें डाली...