भारत में गर्मी लगातार खतरनाक होती जा रही है। मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण हीटवेव की चेतावनी जारी की है। तेज धूप, गर्म हवाएं और रात में भी कम न होने वाला तापमान अब लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। डॉक्टरों का कहना है कि हीटस्ट्रोक अब केवल गर्मी लगने की सामान्य समस्या नहीं रहा, बल्कि यह तेजी से बढ़ता हुआ पब्लिक हेल्थ रिस्क बनता जा रहा है। सबसे चिंता की बात यह है कि हीटस्ट्रोक अचानक नहीं होता। शरीर इसके पहले कई संकेत देता है, लेकिन अधिकतर लोग इन्हें सामान्य थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। जब तक स्थिति गंभीर होती है, तब तक शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने लगते हैं। हीटस्ट्रोक क्या होता है? हीटस्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर अपना तापमान नियंत्रित करने की क्षमता खो देता है। सामान्य तौर पर हमारा शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा रखता है। पसीना त्वचा से बाहर निकलकर वाष्पित होता है और शरीर का तापमान कम करता है। लेकिन अत्यधिक गर्मी, डिहाइड्रेशन और ज्यादा नमी वाली परिस्थितियों में यह प्रक्रिया ठीक से काम नहीं करती। शरीर तेजी से गर्म होने लगता है और...