आजकल कई कंपनियाँ अपने शेयर वापस खरीदने (Share Buyback) लगी हैं। यह निवेशकों को फायदा पहुँचाने का एक लोकप्रिय तरीका बन गया है। लेकिन इसी के साथ सरकार ने एक खास टैक्स लागू किया है, जिसे बायबैक टैक्स (Buyback Tax) कहा जाता है। कई निवेशकों और बिज़नेस ओनर्स के लिए यह विषय थोड़ा तकनीकी लगता है। तो आइए आसान भाषा में समझते हैं — बायबैक टैक्स क्या है, क्यों लगाया गया है, और इसका कंपनियों व निवेशकों पर क्या असर पड़ता है? बायबैक टैक्स क्या होता है? जब कोई कंपनी अपने ही शेयर बाजार से वापस खरीदती है, तो उसे उस पर जो टैक्स देना पड़ता है, उसे बायबैक टैक्स कहते हैं। आमतौर पर कंपनियाँ अपने मुनाफे को शेयरधारकों में बाँटने के लिए दो तरीके अपनाती हैं: डिविडेंड देना शेयर बायबैक करना शेयर बायबैक में कंपनी अपने शेयर खरीद लेती है, जिससे बाजार में शेयरों की संख्या कम हो जाती है और प्रति शेयर कमाई (EPS) बढ़ सकती है। सरकार ने यह देखा कि कई कंपनियाँ डिविडेंड देने की बजाय बायबैक कर रही थीं क्योंकि इसमें टैक्स कम लगता था। इसी असंतुलन को ठीक करने के लिए बायबैक टैक्स लाया गया। भारत में बा...